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Hindi Desh Bhakti Ki Kavita



desh bhakti kavita by famous poets

Categories :- Desh Bhakti Geet
Dated By :- Updated                     sms_smile                Posted by :- Aardy Jamdagni




जलते भी गये कहते भी गये आज़ादी के परवाने,
जीना तो उसी का जीना है जो मरना वतन पे जाने,
ऐ वतन ऐ वतन हमें तेरी कसम,
तेरी राहो में जाँ तक लूटा जाएँगे,
फूल क्या चीज़ है तेरे कदमो पे हम,
भेट अपने सरों की चढ़ा जाएँगे,
ऐ वतन… ऐ वतन………….

सह चुके हैं सितम हम तो हँसते हुए,
मौत भी गले से लगा जाएँगे,
झुक सकेगा न अब सरफरोशों का सिर,
चाहे हो खून तलवारो का सामना,
सिर पे बांधे कफ़न हम तो हँसते हुए,
मौत भी अब ही गले से लगा जाएँगे,

कोई पंजाब से कोई महारास्ट्र से,
कोई उ.प से है कोई बंगाल से,
तेरी पूजा की थाली लाए है हम,
फूल हर रंग के आज हर डाल से,
नाम कुछ भी सही पर लगन एक है,
जीत से जीत दिल की लगा जाएँगे,

हम रहे ना रहे इसका कुछ गम नही,
तेरी राहों को रोशन तो कर देंगे हम,
खाक में मिल गयी जिंदगी भी तो क्या,
माँग तेरी सितारो से भर देंगे हम,
रंग अपने लहू का तुझे देके हम,
तेरे गुलशन की रोनक बढ़ा जाएँगे,

हम वो जाँबाज हैं जो तेरे नाम पर,
निकले मैदान में मिटटी तेरी चूम के,
तुझको आज़ाद देखे इसी चाह में,
सुलियों पे भी चढ़ जाएँगे झूम के,
शमा जलती रहे तेरी हर दौर में,
तेरे परवान सबको मिटा जाएँगे,

तेरी जानिब जो उठी कहर के नज़र,
उस नज़र को झुका के ही दम लेंगे हम,
तेरी धरती पे है जो कदम गैर का,
उसके कदम का निशा तक मिटा देंगे हम,
जो भी दीवार आएगी अब सामने,
ठोकरों से उसे हम गिरा जाएँगे,

हंस के रुखसत करो हमको कसम ऐ साथियो,
पूरी करने हम अपनी कसम चल दिए,
राखी बाँधी थी बहना ने जिस हाथ में,
पहनकर हथकड़ी उसमे हम चल दिए,
हम न देखेंगे कल ये बहारे तो क्या,
तुमको तो वो बहारे दिखा जाएँगे,

तू ना रोना की तू है भगत सिंग की माँ,
मरके भी लाल तेरा मरेगा नही,
घोड़ी चढ़के तो लाते हैं दुल्हन सभी,
हंस के हर कोई फासी चढ़ेगा नही,
इश्क़ आज़ादी से आशिक़ो ने किया,
देख लेना उसे ब्याह लाएँगे,

जब शहीदों की आरती उठे धूम से,
देश वालो तुम आँसू बहाना नही,
पर मनाओ जब आज़ाद भारत का दिन,
उस घड़ी तुम हमे भूल जाना नही,
लौटकर आ सके न जहा में तो क्या,
याद बनके दिलो में आ तो जाएँगे





Hindi language desh bhakti kavita

Categories :- Desh Bhakti Geet
Dated By :- Updated                     sms_smile                Posted by :- Aardy Jamdagni




राम कृष्ण की धरती पर, पापी ने पावं पसारा है,
बढ़ो जवान, आज विदेशी ने हमको ललकारा है,
इस धरती को हथियाने का, उसने आज विचार किया,
इस भारत को चमकने का उसने बढ़ा प्रचार किया,

उत्तर में वो खड़ा हिमालय, टक्कर लेने वाला है,
वहाँ हज़ारो वीर लड़ेंगे, सुने हमने न जाना है,
वीर शिवाजी के पहाड़े, हमने घर घर गाये है,
महाराणा प्रताप के मारू, बाजे खूब बजाये हैं,

रण भेरी बज उठी, कातेट्भोमान ने हमें पुकारा है,
हमलावरों गद्दारों का अब काम न बनने वाला है,
हम न किसी का मुल्क़ चाहते, हमें किसी से बैर नही,
हम पर जो चढ़कर आएगा, उसे दुश्मन की खैर नही,

कश्मीर से अंत जीत तक, यही हमारा नारा है,
हिण्द महासागर की लहरो ने सुन लो यही पुकारा है,
राम कृष्ण की धरती पर, पापी ने पावं पसारा है,
बढ़ो जवान, आज विदेशी ने हमको ललकारा है



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