Tag: Hindi Poems
-
20+ Hindi Poem on Love and Life
Hindi Poem On Mother ना अब आबाद हूँ ना कल आबाद थाआज भी बर्बाद हूँ कल भी बर्बाद था,फर्क सिर्फ इतना है कल और आज में किआज गिरफ्तार हूँ और कल आज़ाद था. पहले मिट्टी खाने पर माँ पीटती थी फिर भीमिट्टी खाने में लगती थी लाजवाब,और अब बीवी की पीटाई का भी डर…
-

10+ {Latest} Hindi Kavita on Life
Hindi Kavita on Life थोडा व्याकुल हूँ मैं, थोडा परेशान हूँ मैं, कल जो पढ़ी थी ख़बर सामूहिक बलात्कार की उसे सोच-सोचकर अब तक हैरान हूँ मैं. क्या उन लोगों ने भी औरत के पेट से जन्म लिया है, जिन्होंने एक औरत को चीर फाड़कर अपनी मर्दानगी का सबूत दिया ही. क्या उन लोगों ने…